Question:
‘विषधर – वह जो विष को धारण करता हो’- उक्त विग्रह किस समास के अनुसार किया गया है? पहचान करें।
‘विषधर – वह जो विष को धारण करता हो’- उक्त विग्रह किस समास के अनुसार किया गया है? पहचान करें।
Options:
- सम्बन्ध तत्पुरुष समास
- बहुब्रीहि समास
- कर्मधारय समास
- द्वंद्व समास
- सम्बन्ध तत्पुरुष समास
- बहुब्रीहि समास
- कर्मधारय समास
- द्वंद्व समास
Correct Answer: b)
Explanation:
The correct answer is Option (2): बहुब्रीहि समास. In Bahuvrihi Samas, neither the first nor the second word is dominant; instead, the compounded term refers to a third, specific entity. Here, ‘विषधर’ refers specifically to a snake (सर्प) or Lord Shiva, so ‘वह जो विष को धारण करता हो’ represents the analytical expansion (विग्रह) of Bahuvrihi Samas.
सही उत्तर विकल्प (2) ‘बहुब्रीहि समास’ है। जिस समास में दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद या विशेष संज्ञा की ओर संकेत करते हैं, वहाँ बहुव्रीहि समास होता है। ‘विषधर’ का विग्रह ‘वह जो विष को धारण करता हो अर्थात् सर्प/शिव’ बहुव्रीहि समास के अनुसार है।