Question:
“केकी-रव की नूपुर ध्वनि सुन,
जगती जगती की मूक प्यास।”
इन पंक्तियों में कौन सा अलंकार है?
“केकी-रव की नूपुर ध्वनि सुन,
जगती जगती की मूक प्यास।”
इन पंक्तियों में कौन सा अलंकार है?
Options:
- यमक
- श्लेष
- वक्रोक्ति
- वीप्सा
- यमक
- श्लेष
- वक्रोक्ति
- वीप्सा
Correct Answer: a)
Explanation:
The lines feature ‘Yamak Alankar’ (यमक अलंकार). In the phrase ‘जगती जगती’, the word ‘जगती’ appears twice with two distinct meanings: the first ‘जगती’ is a verb meaning ‘awakens/arouses’ (जाग उठना), while the second ‘जगती’ is a noun meaning ‘earth/world’ (पृथ्वी/संसार). When a word is repeated with different meanings, it is Yamak Alankar.
प्रस्तुत पंक्तियों में ‘यमक अलंकार’ है। यहाँ ‘जगती जगती’ में ‘जगती’ शब्द दो बार आया है और दोनों बार उसका अर्थ भिन्न है: प्रथम ‘जगती’ का अर्थ जागना / जाग्रत होना (क्रिया) है तथा द्वितीय ‘जगती’ का अर्थ संसार / पृथ्वी (संज्ञा) है। जहाँ एक ही शब्द की एक से अधिक बार भिन्न अर्थों में आवृत्ति हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।