Question:
निर्देश (प्रश्न 16 – 20): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए:
आधुनिक युग में सूचना प्रौद्योगिकी ने मानव जीवन के प्रत्येक आयाम को क्रांतिकारी ढंग से रूपांतरित किया है। कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से ज्ञान का लोकतंत्रीकरण संभव हुआ है। परंतु इस डिजिटल क्रांति के साथ ही साइबर अपराध, डेटा गोपनीयता का उल्लंघन और डिजिटल विभाजन जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं। तकनीकी प्रगति का वास्तविक लाभ तभी सिद्ध हो सकता है जब इसका उपयोग मानवीय मूल्यों, नैतिक मानकों और समावेशी विकास के संवर्धन के लिए किया जाए। केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ उत्तरदायित्व का बोध होना अनिवार्य है।
तकनीकी प्रगति का वास्तविक लाभ कब सिद्ध हो सकता है?
निर्देश (प्रश्न 16 – 20): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर दीजिए:
आधुनिक युग में सूचना प्रौद्योगिकी ने मानव जीवन के प्रत्येक आयाम को क्रांतिकारी ढंग से रूपांतरित किया है। कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से ज्ञान का लोकतंत्रीकरण संभव हुआ है। परंतु इस डिजिटल क्रांति के साथ ही साइबर अपराध, डेटा गोपनीयता का उल्लंघन और डिजिटल विभाजन जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं। तकनीकी प्रगति का वास्तविक लाभ तभी सिद्ध हो सकता है जब इसका उपयोग मानवीय मूल्यों, नैतिक मानकों और समावेशी विकास के संवर्धन के लिए किया जाए। केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ उत्तरदायित्व का बोध होना अनिवार्य है।
तकनीकी प्रगति का वास्तविक लाभ कब सिद्ध हो सकता है?
Options:
- जब इसका उपयोग मानवीय मूल्यों, नैतिक मानकों और समावेशी विकास के लिए हो
- जब केवल आर्थिक लाभ कमाया जाए
- जब सभी पारंपरिक उद्योगों को बंद कर दिया जाए
- जब तकनीकी दक्षता पर कोई ध्यान न दिया जाए
- जब इसका उपयोग मानवीय मूल्यों, नैतिक मानकों और समावेशी विकास के लिए हो
- जब केवल आर्थिक लाभ कमाया जाए
- जब सभी पारंपरिक उद्योगों को बंद कर दिया जाए
- जब तकनीकी दक्षता पर कोई ध्यान न दिया जाए
Correct Answer: a)
Explanation: